सेंट्रम इंस्टीट्यूशनल रिसर्च की रिपोर्ट: अगले 5-6 महीनों में 14% तक बढ़ सकते हैं मोबाइल रिचार्ज के दाम. ब्रोकरेज फर्म सेंट्रम की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, दूरसंचार कंपनियां जल्द ही मोबाइल टैरिफ में 12 से 14 फीसदी की बढ़ोतरी कर सकती हैं। बाजार में कम प्रतिस्पर्धा, 5जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुए भारी निवेश की रिकवरी और प्रति ग्राहक औसत राजस्व (ARPU) को मजबूत करने के उद्देश्य से कंपनियां यह कदम उठाने की तैयारी में हैं।

मोबाइल रिचार्ज एक बार फिर महंगे होने वाले हैं। टेलीकॉम कंपनियां अगले 5 से 6 महीनों में प्लान्स की कीमतों में 12% से 14% तक की बढ़ोतरी कर सकती हैं। बाजार में प्रतिस्पर्धा कम होने की वजह से कंपनियां अब आसानी से दाम बढ़ा रही हैं।
ब्रोकरेज फर्म सेंट्रम की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय टेलीकॉम बाजार में अब सिर्फ तीन प्राइवेट कंपनिया (jio airtel vi) और एक सरकारी कंपनी (BSNL) ही बची हैं। कंपटीटर्स कम होने के कारण इन कंपनियों के लिए दाम बढ़ाना आसान हो गया है। आने वाले समय में रिचार्ज प्लान दो से तीन बार और महंगे हो सकते हैं, जिससे करोड़ों मोबाइल उपभोक्ताओं का खर्च काफी बढ़ जाएगा।”
टेलीकॉम कंपनियां लंबे समय से मोबाइल रिचार्ज बढ़ाने की प्लान बना रही थीं, लेकिन कड़े मुकाबले के चलते वे कदम नहीं उठा पा रही थीं। अब बाजार स्टेबल और सीमित हो चुका है, जिससे कंपनियों के लिए टैरिफ बढ़ाना आसान हो गया है। कंपनियों के अनुसार, फ्री 5G सर्विस देने से उन्हें उम्मीद के मुताबिक रेवेन्यू नहीं हुई। यही वजह है कि नेटवर्क को बेहतर बनाने में हुए बड़े निवेश की भरपाई के लिए अब रिचार्ज प्लान महंगे किए जा रहे हैं।
वित्तीय मोर्चे पर, निजी दूरसंचार ऑपरेटरों के एआरपीयू (ARPU) में तिमाही आधार पर 1.4 प्रतिशत तक की वृद्धि संभावित है। यह ग्रोथ मुख्य रूप से ‘प्रीमियमाइजेशन’ यानी ग्राहकों द्वारा महंगे प्लान चुनने, 5G माइग्रेशन और चालू तिमाही (जुलाई-सितंबर) में अधिक कार्य दिवस (Billing Days) होने के कारण दर्ज की जाएगी।”

प्रति ग्राहक राजस्व बढ़ाना लक्ष्य
रिपोर्ट में बताया गया है कि टेलिकॉम कम्पनी का टारगेट प्रति उपयोगकर्ता राजस्व में अच्छी वृद्धि करना है। वे प्रत्येक यूज़र से अधिक धन कमाना चाहते हैं। इसलिए, रिचार्ज में बढ़ोतरी एक साथ दो काम को पूरा करेगी। यह पिछले निवेश की लागत की भरपाई में मदद करेगी और प्रति ग्राहक भविष्य की रेवेन्यू को भी बढ़ाएगी। रिपोर्ट यह पुष्टि करती है कि यह कदम देरी से होने के बजाय जल्द उठाया जा सकता है।
अब मोबाईल यूज़र की जेब पर और बढ़ेगा बोझ
बढ़ती इनफ्लेशन और आर्थिक अनिश्चितता से लोगों के बजट को प्रभावित कर रही है। अब महंगा मोबाइल टैरिफ यह बोझ और बढ़ा देगी। देश में 10 मिलियन से ज्यादा मोबाइल ग्राहक हैं। रिचार्ज दाम में छोटी वृद्धि भी बड़ी संख्या में लोगों पर असर डालेगी।
एयरटेल और जियो की बढ़ेगी हिस्सेदारी
सेंट्रम ने कहा, भारती एयरटेल और रिलायंस जियो, वोडाफोन आइडिया की प्राइस पर अपने ग्राहकों की बाजार हिस्सेदारी बढ़ाना चालू रखेंगे। जियो तिमाही-दर-तिमाही 65 से 70 लाख और भारती एयरटेल 48 से 50 लाख यूजर एड कर सकती है। सबसे कम वोडाफोन आइडिया तिमाही-दर-तिमाही सिर्फ दो लाख ग्राहक जोड़ेगी।




